राजधानी के निवासियों के लिए एक नई उम्मीद जगी है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने शहर के उत्तरी इलाकों को जोड़ने वाले नए मेट्रो कॉरिडोर पर काम शुरू कर दिया है। वसंत कुंज से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट तक फैलने वाला यह करीब 10 किलोमीटर लंबा रूट शहरवासियों की आवाजाही को आसान बनाएगा। अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर हिस्सा ऊंचाई पर बनेगा, जिससे निर्माण तेजी से पूरा हो सकेगा।

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क्या है नया कॉरिडोर?
यह नया मेट्रो रूट वसंत कुंज से शुरू होकर आईआईएम रोड तक जाएगा। मौजूदा चारबाग-वसंत कुंज लाइन के पूरा होते ही इसकी शुरुआत होगी। इससे ट्रॉमा सेंटर, आईआईएम लखनऊ और आसपास के बढ़ते आवासीय इलाके मेट्रो से जुड़ जाएंगे। इन क्षेत्रों में ट्रैफिक की भारी समस्या है। मेट्रो आने से सफर का समय आधा हो जाएगा और पार्किंग की परेशानी भी कम होगी। स्थानीय लोग इसे अपने इलाके के लिए गेम चेंजर बता रहे हैं।
शहर का मेट्रो नेटवर्क बढ़ेगा दोगुना
शहर में कुल आठ नए रूटों की योजना बन रही है। इनमें मुंशीपुलिया से जानकीपुरम, सीजी सिटी से एयरपोर्ट और बाराबंकी एक्सटेंशन जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर शामिल हैं। वर्तमान नेटवर्क से कहीं आगे बढ़कर कुल लंबाई 127 किलोमीटर के करीब पहुंच जाएगी। खास बात यह है कि ये रूट कम आबादी वाले इलाकों से गुजरेंगे। इससे जमीन लेने की दिक्कतें कम होंगी और बजट भी नियंत्रण में रहेगा।
किन इलाकों को मिलेगा फायदा?
वसंत कुंज-आईआईएम कॉरिडोर उत्तरी लखनऊ को मुख्य शहर से जोड़ेगा। चारबाग से सीधा संपर्क होने से हजरतगंज, गोमती नगर और आउटर रिंग रोड आसानी से पहुंच योग्य हो जाएंगे। आईआईएम जैसे शिक्षा केंद्रों तक आने-जाने वाले छात्रों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही व्यावसायिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा। प्रदूषण पर भी असर पड़ेगा क्योंकि निजी गाड़ियां कम चलेंगी।
कितना लगेगा समय और पैसा?
सर्वे का काम जोरों पर है। इसमें रास्ते का डिजाइन, ऊंचाई वाले और भूमिगत हिस्सों का प्लान तथा पूरी लागत का हिसाब हो रहा है। डिजिटल टूल्स और जीआईएस मैपिंग से काम तेज हो रहा है। सर्वे खत्म होते ही विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनेगी। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों से मंजूरी मिलेगी। चारबाग-वसंत कुंज का काम पहले पूरा होगा, फिर नया कॉरिडोर शुरू होगा।
मेट्रो कनेक्शन कैसे लें?
- पहले UPMRC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर रजिस्टर करें।
- अपने इलाके के नजदीकी प्रस्तावित स्टेशन का चयन करें।
- यात्रा कार्ड या स्मार्ट कार्ड खरीदने के लिए लोकल मेट्रो स्टेशन जाएं।
- ऑनलाइन रिचार्ज या मोबाइल ऐप से बैलेंस भरें।
- रोजाना सफर के लिए डिजिटल टिकट बुक करें।
- किसी समस्या पर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
भविष्य की उम्मीदें
लखनऊ मेट्रो ने पहले फेज में शहर को नया रूप दिया। दूसरे फेज ने कनेक्टिविटी बढ़ाई। अब तीसरा फेज मेगा सिटी का सपना पूरा करेगा। स्मार्ट सिटी परियोजना का यह हिस्सा जनता की आस जगा रहा है। आने वाले महीनों में ठोस खबरें सुनने को मिलेंगी। शहरवासी उत्साहित हैं और अपने इलाकों के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना कर रहे हैं। यह न सिर्फ सुविधा का साधन है, बल्कि विकास का नया अध्याय भी।
















