वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों के लिए फरवरी का महीना कुछ राहत वाला साबित हो रहा है। सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी गिरावट की अफवाहें उड़ रही हैं, लेकिन हकीकत में ये कीमतें ज्यादातर स्थिर बनी हुई हैं। कुछ शहरों में मामूली कमी देखी गई, जो उपभोक्ताओं को थोड़ी सांस लेने का मौका दे रही है। कच्चे तेल के वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर संतुलन बना हुआ है।

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वैश्विक बाजार का बदलता चेहरा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड तेल 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में लहरा रहा है। अमेरिका और ईरान जैसे देशों के बीच तनाव ने बाजार को अस्थिर किया, लेकिन दिसंबर 2025 की मंदी ने कीमतों को नीचे धकेला। भारत जैसे आयातक देश को इससे फायदा हुआ। रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिरता ने भी ईंधन दरों को काबू में रखा। तेल कंपनियां रोज सुबह नई दरें जारी करती हैं, जो वैश्विक संकेतों और स्थानीय करों पर निर्भर करती हैं।
फरवरी की शुरुआत से दिल्ली जैसे शहरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। मुंबई में पेट्रोल 103 से 104 रुपये के आसपास और डीजल 90 रुपये के पार टिका। चेन्नई और कोलकाता में भी यही ट्रेंड दिखा। हालांकि, मध्य भारत के कुछ इलाकों में दो रुपये तक की कटौती ने स्थानीय लोगों को खुशी दी। यह बदलाव राज्यवार वैट और एक्साइज ड्यूटी के कारण अलग-अलग दिखते हैं।
शहरवार नई दर सूची
देश के प्रमुख शहरों में 12-13 फरवरी तक कीमतें इस तरह रहीं। ध्यान दें, ये आंकड़े रोज बदल सकते हैं।
| शहर | पेट्रोल प्रति लीटर | डीजल प्रति लीटर |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.72 रुपये | 87.62 रुपये |
| मुंबई | 104.21 रुपये | 92.15 रुपये |
| कोलकाता | 103.94 रुपये | 90.76 रुपये |
| चेन्नई | 100.75 रुपये | 92.34 रुपये |
| इंदौर | 106.48 रुपये | 91.88 रुपये |
| चंडीगढ़ | 94.30 रुपये | 82.45 रुपये |
| पटना | 105.58 रुपये | 93.80 रुपये |
| अमृतसर | 105.50 रुपये | 90.50 रुपये |
पंजाब के अमृतसर जैसे शहरों में दरें पड़ोसी राज्यों से थोड़ी ऊंची रहती हैं, लेकिन कोई उछाल नहीं आया। ट्रक चालकों और टैक्सी वालों को इससे फायदा मिला। दक्षिण भारत में डीजल की कीमतें अपेक्षाकृत कम रहीं।
अर्थव्यवस्था पर असर और उपभोक्ता प्रभाव
ईंधन दरों की स्थिरता से महंगाई पर काबू पाया जा सका। परिवहन लागत न बढ़ने से सब्जी, दूध और अन्य सामानों के दाम नियंत्रित रहे। किसानों को डीजल से चलने वाले पंपों पर राहत मिली। लेकिन लंबे समय तक निर्भरता बायोडीजल जैसे विकल्पों पर शिफ्ट करने की जरूरत है। सरकार की सब्सिडी योजनाएं गरीब तबके को सहारा दे रही हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कच्चा तेल 65 डॉलर से नीचे गया तो और कटौती संभव। जियोपॉलिटिकल जोखिम भरे हैं, इसलिए सतर्कता बरतें। कुल मिलाकर, बड़ी गिरावट की बजाय स्थिरता ही बड़ी राहत है।
चेक करने के आसान तरीके
अपने शहर की दर जानने के लिए RSP के साथ शहर का नाम लिखकर 9223992244 पर एसएमएस भेजें। मोबाइल ऐप्स जैसे मायपेट्रोलपंप तुरंत अपडेट देते हैं। रोज चेक करें, क्योंकि सुबह 6 बजे नई दरें लागू होती हैं। स्मार्ट उपभोक्ता बनें और ईंधन बचत के टिप्स अपनाएं, जैसे कारपूलिंग।
यह स्थिरता आम आदमी की जेब को मजबूत बनाएगी। आने वाले दिनों पर नजर रखें।
















