Join Contact

Post Office vs Bank FD: सरकारी स्कीम या बैंक? जानें आपकी गाढ़ी कमाई पर कहाँ मिलेगा ज्यादा मुनाफा और सुरक्षा

पोस्ट ऑफिस TD वरिष्ठों को 8.2% तक ब्याज, 100% सरकारी गारंटी। बैंक FD लचीला, ₹5 लाख DICGC कवर, 7.75% दरें। 5 साल ₹1 लाख पर पोस्ट ऑफिस ₹46,140 मुनाफा। टैक्स, लिक्विडिटी पर निर्भर - वरिष्ठों को पोस्ट ऑफिस, युवाओं को बैंक बेहतर।

Published On:
Post Office vs Bank FD: सरकारी स्कीम या बैंक? जानें आपकी गाढ़ी कमाई पर कहाँ मिलेगा ज्यादा मुनाफा और सुरक्षा

छोटे बचतकर्ताओं के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पोस्ट ऑफिस योजनाएं और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दोनों सरकारी समर्थित सुरक्षित विकल्प हैं, लेकिन ब्याज दरें, लिक्विडिटी और सुविधा में साफ अंतर है। वरिष्ठ नागरिकों को पोस्ट ऑफिस ज्यादा फायदा देता है, जबकि बैंक टैक्स बचत और लचीलापन प्रदान करते हैं। फरवरी 2026 की दरों के आधार पर जानिए, आपकी पूंजी पर कहाँ बेहतर रिटर्न बनेगा।

पोस्ट ऑफिस: सरकार की अटल गारंटी

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD) योजनाएं केंद्र सरकार की सीधी गारंटी पर चलती हैं। मूलधन 100% सुरक्षित रहता है, बिना किसी ऊपरी सीमा के। वर्तमान ब्याज दरें (फरवरी 2026): 1-2 साल पर 6.9%, 3 साल 7.2%, 5 साल 7.5% सामान्य नागरिकों के लिए। वरिष्ठ नागरिकों को 0.5% अतिरिक्त (8.2% तक), जो बैंक से बेहतर है। PPF जैसी लंबी अवधि योजनाएं टैक्स-फ्री रिटर्न देती हैं। न्यूनतम जमा ₹1,000, कोई अधिकतम लिमिट नहीं। मासिक ब्याज विकल्प उपलब्ध, लेकिन ब्रेकअप पर 2% पेनल्टी। ग्रामीण क्षेत्रों में आसान पहुंच इसे लोकप्रिय बनाती है।

बैंक FD: बीमा कवर के साथ लचीलापन

बैंक FD सरकारी बैंकों (SBI, PNB) में सबसे सुरक्षित हैं। DICGC बीमा ₹5 लाख तक प्रति जमाकर्ता कवर देता है। दरें: SBI में 5 साल FD पर 7.0-7.25% सामान्य, सीनियर 7.75%। प्राइवेट बैंक कभी-कभी 7.75% तक प्रोमोशनल देते हैं। 5 साल टैक्स-सेविंग FD पर सेक्शन 80C में ₹1.5 लाख तक छूट। ऑनलाइन खाता खोलना, तुरंत लोन पर गिरवी रखना और कम पेनल्टी (0.5-1%) FD को लचीला बनाते हैं। नेट बैंकिंग से मैनेजमेंट आसान।

ब्याज दरों और रिटर्न की तुलना

लंबी अवधि (5 साल) में पोस्ट ऑफिस आगे दिखता है। ₹1 लाख निवेश पर पोस्ट ऑफिस (7.5%) से ₹46,140 ब्याज, कुल ₹1.46 लाख। बैंक (7.25%) से ₹43,219 ब्याज। सीनियर के लिए पोस्ट ऑफिस 8.2% पर ₹48,640 मुनाफा। टैक्स के बाद (30% स्लैब) पोस्ट ऑफिस बेहतर। अल्पकालिक (1-2 साल) में बैंक प्रतिस्पर्धी। चक्रवृद्धि ब्याज तिमाही आधार पर दोनों में समान। RBI नीतियों से दरें बदलती रहती हैं, लेकिन पोस्ट ऑफिस अप्रैल-मार्च क्वार्टर में फिक्स रहती हैं।

सुरक्षा: दोनों बेजोड़, लेकिन भिन्नताएं

पोस्ट ऑफिस में अनलिमिटेड अमाउंट पर पूर्ण सरकारी गारंटी। बैंक में ₹5 लाख से ऊपर जोखिम सैद्धांतिक, लेकिन सरकारी बैंक नेशनलाइज्ड होने से चिंता कम। DICGC कवर सभी बैंकों पर लागू। पोस्ट ऑफिस कोई क्रेडिट रेटिंग नहीं चेक करता, बैंक KYC सख्त। दोनों में समयपूर्व निकासी संभव, लेकिन पोस्ट ऑफिस 6 महीने बाद ही।

सुविधा और अन्य फायदे

बैंक ऐप्स (YONO, iMobile) से घर बैठे FD खोलें, स्वीप-इन सुविधा से लिक्विडिटी। पोस्ट ऑफिस IPPB ऐप पर डिजिटल, लेकिन शाखा विजिट जरूरी। पोस्ट ऑफिस मासिक पेंशन जैसा ब्याज देता है, बैंक कॉर्पोरेट FD लोन के लिए गिरवी आसान। टैक्स: दोनों पर TDS 10% (₹40,000 से ऊपर ब्याज), लेकिन 80C लाभ समान। वरिष्ठ नागरिकों को पोस्ट ऑफिस प्राथमिकता।

किसे चुनें? प्रोफाइल के आधार पर

  • वरिष्ठ नागरिक/लंबी बचत: पोस्ट ऑफिस – उच्च दर, टैक्स-फ्री विकल्प।
  • युवा/लिक्विडिटी जरूरी: बैंक – ऑनलाइन, लोन सुविधा।
  • बड़ा निवेश (>₹5 लाख): पोस्ट ऑफिस।
  • मिश्रित: दोनों में बांटें, जोखिम कम।
    विशेषज्ञ सलाह: मुद्रास्फीति (5-6%) से ऊपर रिटर्न चुनें। FY 2025-26 में दरें स्थिर, लेकिन RBI कट से बैंक बेहतर हो सकते हैं।

सुरक्षा में दोनों बराबर, लेकिन मुनाफा जरूरत पर निर्भर। गाढ़ी कमाई को पोस्ट ऑफिस लंबे लिए, बैंक छोटे लक्ष्यों के लिए लगाएं। वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। डिजिटल इंडिया में दोनों विकल्प मजबूत, बस सही चुनाव करें!

Author
info@nitap.in

Leave a Comment

संबंधित समाचार