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Double Voter ID Penalty: दो वोटर कार्ड रखने पर जेल और जुर्माना? जानें किस धारा में होती है कार्रवाई, Aadhaar-PAN पर क्या नियम

एक छोटी सी गलती से लाखों रुपये जुर्माना और साल भर कैद! चुनाव आयोग की सख्ती से पहले जान लें डुप्लीकेट कार्ड हटाने का आसान तरीका, वरना पछताएंगे।

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लोकतंत्र की मजबूती के लिए वोटर सूची में एक ही नाम होना जरूरी है। लेकिन कई लोग अनजाने में या गलती से दो वोटर कार्ड रख लेते हैं। ऐसा करना कानूनन अपराध है। इसमें एक साल तक की जेल या हजारों रुपये का जुर्माना हो सकता है। चुनाव आयोग लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखता है। हाल के महीनों में लाखों डुप्लीकेट नाम हटाए गए हैं।

Double Voter ID Penalty: दो वोटर कार्ड रखने पर जेल और जुर्माना? जानें किस धारा में होती है कार्रवाई, Aadhaar-PAN पर क्या नियम

कानून क्या कहता है?

प्रतिनिधित्व के अधिकार अधिनियम 1950 के तहत साफ नियम हैं। कोई व्यक्ति एक से ज्यादा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं करा सकता। एक ही क्षेत्र में दो नाम भी प्रतिबंधित हैं। फॉर्म भरते समय गलत जानकारी देना या झूठी घोषणा करना भी दंडनीय है। ये नियम मतदाता सूची को शुद्ध रखने के लिए बने हैं। उल्लंघन करने पर पुलिस मामला दर्ज हो सकता है। हालांकि स्वेच्छा से नाम हटवाने पर कोई सजा नहीं होती।

हाल के मामले क्यों बढ़े

पिछले साल कई राज्यों में विशेष जांच अभियान चले। बिहार, नागपुर और पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों में हजारों डुप्लीकेट आईडी मिलीं। कुछ जगहों पर नाम, उम्र और रिश्तेदारों की जानकारी एक जैसी पाई गई। इससे चुनावी धांधली का डर पैदा हुआ। आयोग ने बूथ स्तर पर सत्यापन तेज किया। डुप्लीकेट वोटिंग से परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सख्ती की मांग की है।

आधार और पैन के नियम

आधार को वोटर आईडी से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। अभी यह वैकल्पिक है। पैन कार्ड की तरह अनिवार्य लिंकिंग पर बहस जारी है। आधार नंबर जोड़ने से डुप्लीकेट आसानी से पकड़े जाते हैं। लेकिन प्राइवेसी के कारण जबरन लिंकिंग नहीं हो रही। डिजिटल सॉफ्टवेयर से पहले ही लाखों दोहरी प्रविष्टियां हटा ली गईं। आधार न होने पर भी वोटिंग का अधिकार सुरक्षित रहता है।

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डुप्लीकेट कार्ड कैसे हटवाएं?

अगर आपके पास दो वोटर आईडी हैं तो तुरंत कार्रवाई करें। आधिकारिक वेबसाइट पर फॉर्म सात भरें। अपना ईपीआईसी नंबर डालें और कारण बताएं। बूथ अधिकारी सत्यापन करेगा। मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन से भी शिकायत दर्ज कराएं। ऑफलाइन तरीके से निर्वाचन अधिकारी के पास जाएं। प्रक्रिया सरल है और कुछ दिनों में पूरी हो जाती है। आयोग प्रोत्साहित करता है कि खुद से नाम हटवाएं।

जागरूकता ही सुरक्षा

लोगों को पता ही नहीं कि पुराने पते पर नाम रह गया हो। शादी या स्थानांतरण के बाद नई आईडी बनाते समय पुरानी चेक करें। चुनाव आयोग नियमित ड्राइव चलाता है। डुप्लीकेट रखना लोकतंत्र के खिलाफ है। लाखों नागरिक प्रभावित हो सकते हैं। समय रहते कदम उठाएं तो कानूनी पचड़ा नहीं झेलना पड़ेगा। स्वच्छ मतदाता सूची से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित होंगे। जागरूक बनें और दूसरों को भी बताएं।

Double Voter ID Penalty Voter ID
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info@nitap.in

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