राजस्थान सरकार ने 2026 के शैक्षणिक सत्र के लिए एक नया कैलेंडर पेश किया है, जिसमें गर्मी की छुट्टियों की समयसीमा को छोटा कर दिया गया है। अब राज्य भर के सरकारी और निजी स्कूल 16 मई से 20 जून तक ही बंद रहेंगे। यह बदलाव दशक भर बाद आया है और लाखों छात्रों के रुटीन को नया आकार देगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि इससे पढ़ाई के दिन बढ़ेंगे और सिलेबस समय पर पूरा होगा।

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नया शेड्यूल क्या कहता है?
इस कैलेंडर के तहत स्कूल 1 अप्रैल 2026 को नए सत्र की शुरुआत करेंगे। 15 मई तक कक्षाएं पूरी तरह चलेंगी, उसके बाद 35 दिनों की ग्रीष्म अवकाश शुरू हो जाएगी। 21 जून से दोबारा पढ़ाई की घंटी बजेगी। पहले यह छुट्टियां मई के मध्य से जून के आखिर तक चलती थीं, जो करीब डेढ़ महीने की होती थीं। अब छोटी अवधि से छात्रों को जल्दी रफ्तार पकड़ने का मौका मिलेगा। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक सभी स्कूल इस पर अमल करेंगे।
बदलाव की मुख्य वजहें
विभाग ने साफ किया कि शिक्षण दिनों को 214 तक ले जाने का लक्ष्य है। लंबी छुट्टियों से सिलेबस में देरी होती थी, जो अब सुधरेगी। साथ ही 21 जून को योग दिवस पर स्कूल खुलने से छात्र स्वास्थ्य गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप यह कदम उठाया गया है, जो कम से कम 200 कार्यदिवसों पर जोर देती है। गर्मी के बावजूद प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, जैसे पानी की व्यवस्था और जल्दी छुट्टी का विकल्प।
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छात्र परिवारों पर असर
करीब 70 लाख छात्र इससे जुड़ेंगे। बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि परीक्षा तैयारी मजबूत होगी। कामकाजी माता-पिता के लिए जून की शुरुआत में childcare चुनौती बन सकती है। अभिभावक मंडलियां दोहरी राय रखती हैं, कुछ पढ़ाई को प्राथमिकता दे रहे हैं तो कुछ लंबी छुट्टी की मांग कर रहे। शिक्षक भी अब गर्मी में प्लानिंग पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
तुलना और भविष्य की संभावनाएं
पिछले सालों में छुट्टियां लंबी रहीं, कभी मौसम ने तो कभी जरूरत ने बढ़ाईं। इस बार सख्ती से पालन होगा। अगर तापमान चरम पर पहुंचा तो जिला स्तर पर बदलाव संभव है। अन्य त्योहारों जैसे दीवाली, ईद पर कोई फेरबदल नहीं। पूरा कैलेंडर विभाग की वेबसाइट पर मौजूद है। यह कदम न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए दिशा दिखा सकता है। शिक्षा को मजबूत बनाने की यह दिशा स्वागतयोग्य है।
















