
भारतीय सर्राफा बाजार और सोना निवेशकों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ आने वाला है, अब तक सोने की कीमतों के लिए लंदन और न्यूयॉर्क जैसे विदेशी बाजारों के रुख पर निर्भर रहने वाला भारत जल्द ही अपना खुद का ‘इंडियन रेट’ सिस्टम शुरु करेगा, मार्केट रेगुलेटर SEBI (Securities and Exchange Board of India) देश में एक घरेलू गोल्ड बेंचमार्क बनाने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है।
यह भी देखें: E-Bike Didi Scheme: महिलाएं चलाएंगी इलेक्ट्रिक बाइक और करेंगी कमाई, जानें पूरी योजना
Table of Contents
विदेशी निर्भरता होगी खत्म
भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है, लेकिन विडंबना यह है कि यहाँ कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजारों (जैसे लंदन फिक्सिंग) के आधार पर तय होती हैं, SEBI के इस नए कदम का लक्ष्य घरेलू मांग और आपूर्ति के आधार पर सोने की दरें निर्धारित करना है, इससे वैश्विक बाजार में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय ग्राहकों पर कम होगा।
आम खरीदारों और निवेशकों को क्या होगा फायदा?
- वर्तमान में अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में अंतर होता है, नया सिस्टम लागू होने से पूरे देश में कीमतों में अधिक पारदर्शिता और एकरूपता आएगी।
- गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) और गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वालों को अपनी होल्डिंग की वास्तविक भारतीय कीमत का पता चलेगा।
- स्थानीय ज्वेलर्स और व्यापारियों को हेजिंग (Hedging) के लिए विदेशी एक्सचेंजों के भरोसे नहीं रहना होगा, जिससे व्यापारिक लागत में कमी आ सकती है।
यह भी देखें: MP Pension Rules 2026: 1 अप्रैल से नए नियम लागू, 4.60 लाख कर्मचारियों और आश्रितों को बड़ा फायदा
स्पॉट एक्सचेंज की भूमिका होगी अहम
सूत्रों के मुताबिक, इस ‘इंडियन रेट’ को विकसित करने में India International Bullion Exchange (IIBX) और घरेलू गोल्ड स्पॉट एक्सचेंजों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी यहाँ होने वाले वास्तविक ट्रेड के आंकड़ों के आधार पर ही बेंचमार्क प्राइस सेट किया जाएगा।
















