
सुरक्षित निवेश और बेहतर रिटर्न की तलाश कर रहे बुजुर्गों के लिए ‘वरिष्ठ नागरिक बचत योजना’ (SCSS) साल 2026 में सबसे भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी है, भारत सरकार द्वारा समर्थित इस स्कीम में न केवल पूंजी की शत-प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी मिल रही है, बल्कि ब्याज दरों के मामले में भी यह बड़े बैंकों की एफडी (FD) को पीछे छोड़ रही है।
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8.2% की शानदार ब्याज दर और नियमित आय
केंद्र सरकार ने SCSS के लिए 8.2% की वार्षिक ब्याज दर को बरकरार रखा है, इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेश करने पर ब्याज का भुगतान हर तिमाही (Quarterly) आधार पर किया जाता है यानी निवेशकों को हर तीन महीने में एक निश्चित आय होती रहेगी, जो रिटायरमेंट के बाद खर्चों को संभालने में मददगार है।
निवेश की सीमा में बड़ा बदलाव
सरकार ने इस योजना के तहत निवेश की अधिकतम सीमा को पहले ही ₹15 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख कर दिया है यदि पति और पत्नी दोनों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है, तो वे संयुक्त रुप से या अलग-अलग खातों के जरिए कुल ₹60 लाख तक का निवेश कर सकते हैं, वहीं, न्यूनतम ₹1,000 से भी खाता खोलने की सुविधा दी गई है।
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टैक्स सेविंग और अन्य खास फायदे
- धारा 80C का लाभ: इस योजना में जमा की गई राशि पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट प्राप्त की जा सकती है।
- मैच्योरिटी और विस्तार: स्कीम की अवधि 5 साल की है, जिसे मैच्योरिटी के बाद निवेशक की इच्छा पर 3 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है।
- पात्रता: 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक इसमें निवेश कर सकते हैं इसके अलावा, 55-60 वर्ष के VRS लेने वाले कर्मचारी और 50 वर्ष से अधिक के रिटायर्ड रक्षा कर्मी भी इसके पात्र हैं।
बाजार जोखिमों से मुक्त निवेश
शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर, यह योजना पूरी तरह से सरकारी गारंटी के साथ आती है, विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान ब्याज दर के हिसाब से यदि कोई व्यक्ति ₹30 लाख का निवेश करता है, तो वह सालाना करीब ₹2.46 लाख केवल ब्याज के रुप में कमा सकता है।
















