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सेना में अफसर बनने का सपना? जानें NDA और CDS में से कौन सा रास्ता है ज्यादा मुश्किल; सिलेक्शन प्रोसेस का पूरा अंतर यहाँ समझें

भारत की रक्षा सेवाओं में ऑफिसर बनने का जुनून रखने वाले युवाओं के लिए NDA (National Defence Academy) और CDS (Combined Defence Services) दो सबसे प्रमुख द्वार हैं, हालाँकि दोनों का लक्ष्य एक ही है, लेकिन इनकी राह और कठिनाई का स्तर काफी अलग है

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सेना में अफसर बनने का सपना? जानें NDA और CDS में से कौन सा रास्ता है ज्यादा मुश्किल; सिलेक्शन प्रोसेस का पूरा अंतर यहाँ समझें
सेना में अफसर बनने का सपना? जानें NDA और CDS में से कौन सा रास्ता है ज्यादा मुश्किल; सिलेक्शन प्रोसेस का पूरा अंतर यहाँ समझें

भारत की रक्षा सेवाओं में ऑफिसर बनने का जुनून रखने वाले युवाओं के लिए NDA (National Defence Academy) और CDS (Combined Defence Services) दो सबसे प्रमुख द्वार हैं, हालाँकि दोनों का लक्ष्य एक ही है, लेकिन इनकी राह और कठिनाई का स्तर काफी अलग है। 

योग्यता और आयु सीमा (Eligibility & Age)

  • NDA: यह स्कूल के तुरंत बाद का विकल्प है, इसके लिए 12वीं (Appearing या Passed) होना जरुरी है, उम्र 16.5 से 19.5 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • CDS: यह ग्रैजुएट्स के लिए है, ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष के छात्र या डिग्री धारक इसमें आवेदन कर सकते हैं। उम्र सीमा 19 से 25 वर्ष (विभिन्न अकादमियों के अनुसार) होती है। 

चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा (Written Exam)

दोनों ही परीक्षाओं का आयोजन UPSC साल में दो बार करता है। 

  • NDA: इसमें दो पेपर होते हैं गणित (300 अंक) और जनरल एबिलिटी टेस्ट (GAT – 600 अंक)। गणित का स्तर 11वीं और 12वीं का होता है, जो काफी कठिन माना जाता है।
  • CDS: इसमें तीन पेपर होते हैं अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान और प्रारंभिक गणित (प्रत्येक 100 अंक) यदि आप केवल OTA (Officers Training Academy) के लिए जा रहे हैं, तो आपको गणित का पेपर नहीं देना होता। 

SSB इंटरव्यू और ट्रेनिंग

  • SSB इंटरव्यू: लिखित परीक्षा के बाद दोनों में 5 दिनों का कड़ा SSB इंटरव्यू होता है, हालांकि, CDS के उम्मीदवारों से अधिक परिपक्वता (Maturity) की उम्मीद की जाती है।
  • ट्रेनिंग: NDA कैडेट्स खड़कवासला (पुणे) में 3 साल की डिग्री और फिर 1 साल की सैन्य ट्रेनिंग करते हैं। CDS कैडेट्स सीधे IMA, INA, AFA या OTA में 1 से 1.5 साल की ट्रेनिंग लेते हैं। 

कौन सा रास्ता है ज्यादा मुश्किल?

यह आपकी स्ट्रेंथ पर निर्भर करता है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार:

  • NDA क्यों कठिन है? इसमें आवेदकों की संख्या (करीब 5-6 लाख) बहुत अधिक होती है और सीटें कम। साथ ही, 12वीं के स्तर पर इतनी कम उम्र में देश के सबसे कठिन इंटरव्यू (SSB) को पास करना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।
  • CDS क्यों कठिन है? इसका General Knowledge (GK) पेपर काफी विस्तृत और कठिन होता है, साथ ही, ग्रेजुएशन के बाद प्रतिस्पर्धा का स्तर बढ़ जाता है क्योंकि उम्मीदवार अधिक अनुभवी और तैयार होते हैं।

जो युवा NDA के जरिए सेना में जाते हैं, उनके पास सेवा का लंबा समय होता है, जिससे उनके सेना प्रमुख (Chief) के पद तक पहुँचने की संभावना CDS के मुकाबले कहीं अधिक होती है।

What is the Difference Between NDA and CDS
Author
info@nitap.in

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