
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घड़ी जैसे-जैसे करीब आ रही है, राज्य सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए ‘बांग्लार युवा साथी’ (युवा साथी योजना) की घोषणा कर एक बड़ा कदम उठाया है। हालिया अंतरिम बजट 2026-27 में वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस योजना को मंजूरी दी, जिसमें माध्यमिक पास बेरोजगार युवाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता का ऐलान किया गया।
सरकार का दावा है कि यह योजना नौकरी तलाश रहे युवाओं को आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाएगी, लेकिन विपक्ष इसे ‘चुनावी जुमला’ बता रहा है। कुल बजट ₹4.06 लाख करोड़ के बीच ₹5,000 से ₹15,000 करोड़ का प्रावधान इस योजना के लिए किया गया है, जो लाखों युवाओं को कवर करेगी।
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योजना का उद्देश्य और लाभ
युवा साथी योजना का मुख्य लक्ष्य शिक्षित बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलने तक या अधिकतम 5 वर्ष तक मासिक भत्ता देना है। इससे प्रति वर्ष ₹18,000 और 5 वर्षों में कुल ₹90,000 तक की सहायता मिल सकेगी। योजना महिलाओं को लक्ष्मी भंडार स्कीम से कवर करने के कारण मुख्यतः पुरुष युवाओं पर केंद्रित है, हालांकि कुछ स्रोत दोनों लिंगों का उल्लेख करते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह ‘युवाओं का साथी’ बनेगी, जो उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करने में मदद करेगी। 5 वर्ष बाद योजना की समीक्षा होगी, जहां बेरोजगारी बनी रहने पर विस्तार संभव है।
कौन लेगा फायदा?
इस योजना का लाभ पश्चिम बंगाल के स्थायी निवासियों को मिलेगा, जिनकी आयु 21 से 40 वर्ष (कुछ स्रोतों में 41 तक) हो। न्यूनतम योग्यता माध्यमिक (कक्षा 10) पास होना अनिवार्य है, और आवेदन के समय व्यक्ति बेरोजगार होना चाहिए। पहले से नौकरीपेशा, स्वरोजगार या अन्य सरकारी कल्याण योजनाओं (जैसे युवाश्री) के लाभार्थी अयोग्य होंगे। छात्रवृत्ति या स्टाइपेंड लेने वाले प्रभावित नहीं होंगे। सख्त सत्यापन प्रक्रिया में आयु प्रमाण, शैक्षिक प्रमाणपत्र और बेरोजगारी का सर्टिफिकेट जरूरी होगा। राज्य के 2.21 करोड़ लक्ष्मी भंडार लाभार्थियों के बाद यह युवा वोटबैंक को मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है।
आवेदन प्रक्रिया और समयसीमा
आवेदन ऑफलाइन ‘दुआरे सरकार’ शिविरों और ऑनलाइन पोर्टल (wbpay.in या yuvasathiprakalpa.com) के जरिए होगा। 15 से 26 फरवरी 2026 तक सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में पंजीकरण कैंप लगेंगे। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, माध्यमिक मार्कशीट, पासपोर्ट फोटो, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण शामिल हैं। मोबाइल OTP वेरिफिकेशन और बैंक डिटेल्स भरने के बाद आवेदन ID से स्टेटस ट्रैक किया जा सकेगा। योजना 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स 15 अगस्त का उल्लेख करती हैं, जो चुनाव परिणाम पर निर्भर। भत्ता सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से खाते में आएगा।
राजनीतिक रंग और चुनौतियां
बजट पेश करते हुए सरकार ने बेरोजगारी दर घटी बताई, लेकिन BJP ने इसे ‘तुष्टिकरण’ करार दिया। पुरानी युवाश्री योजना (2013) के ₹1,500 भत्ते को रिसाइकिल करने का आरोप लगा। विशेषज्ञों का मानना है कि योजना रोजगार सृजन से ज्यादा अस्थायी राहत देगी। कुल 21-40 आयु वर्ग के लाखों युवा लाभान्वित हो सकते हैं, लेकिन सत्यापन में देरी और फर्जीवाड़े की आशंका है। ममता सरकार का यह दांव 2026 चुनाव में युवा मतदाताओं को लुभाने का प्रयास है, जहां बेरोजगारी प्रमुख मुद्दा है।











