डिजिटल लेनदेन का स्वरूप बदल गया है। अब PhonePe, Paytm, गूगल पे और भीम जैसे लोकप्रिय यूपीआई ऐप्स पर फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान से भुगतान संभव हो गया है। यूपीआई पिन डालने की जरूरत खत्म। यह नई व्यवस्था 5000 रुपये तक के लेनदेन को बेहद सरल बना देगी। खासकर वे लोग जो रोजाना कई भुगतान करते हैं या पिन याद रखने में कठिनाई महसूस करते हैं, उनके लिए यह वरदान है।

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बायोमेट्रिक सुविधा का आधार
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई प्रणाली में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जोड़ा है। यह फोन के अंतर्निहित सेंसर पर निर्भर करता है। फिंगरप्रिंट या चेहरे का स्कैन ट्रांजेक्शन को मंजूरी देता है। डेटा मोबाइल के सुरक्षित चिप में संग्रहीत रहता है, ऐप पर नहीं। प्रति लेनदेन सीमा 5000 रुपये तय की गई है ताकि जोखिम न्यूनतम रहे। इससे अधिक राशि के लिए पारंपरिक पिन पद्धति ही उपयोगी है। यह व्यवस्था एंड्रॉयड और आईओएस दोनों उपकरणों पर कार्य करती है, बशर्ते बायोमेट्रिक पहले सक्रिय हो।
फोनपे में सेटअप प्रक्रिया को फॉलो करें!
- सबसे पहले ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट कर लो।
- प्रोफाइल में जाकर पेमेंट मैनेजमेंट सेक्शन खोलो।
- बायोमेट्रिक ऑप्शन सिलेक्ट करो।
- अपना बैंक अकाउंट चुनो और UPI पिन डालकर वेरिफाई करो।
- फोन अपने आप फिंगरप्रिंट या फेस सेंसर चेक कर लेगा।
- सेटअप हो जाने के बाद किसी भी पेमेंट पर फटाफट बायोमेट्रिक यूज करो, उंगली रखो या चेहरा स्कैन करो, काम हो जाएगा।
- अगर सेंसर काम न करे तो पुराना पिन हमेशा बैकअप रहेगा।
पेटीएम पर सक्रियण के चरण
पेटीएम उपयोगकर्ता सुरक्षा सेटिंग्स में प्रवेश करें। यूपीआई बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण चालू करें। खाता चुनें और पिन डालें। प्रक्रिया तत्काल समाप्त हो जाएगी। भुगतान स्क्रीन पर फिंगरप्रिंट या चेहरे का प्रतीक दबाएं। प्रमाणीकरण के बाद धनराशि हस्तांतरित। यह विधि दैनिक खरीदारी के लिए आदर्श है।
सुरक्षा उपाय और फायदे
यह तकनीक अत्यधिक सुरक्षित है क्योंकि बायोमेट्रिक जानकारी फोन के हार्डवेयर स्तर पर एन्क्रिप्टेड रहती है। फोन लॉक को मजबूत पासवर्ड से सुरक्षित रखें। उपकरण खोने पर तुरंत यूपीआई निष्क्रिय करें। दैनिक उपयोगकर्ताओं को समय की बचत होगी। बुजुर्गों और अशक्त व्यक्तियों के लिए यह क्रांतिकारी साबित होगा। यूपीआई मासिक ट्रांजेक्शन 14 अरब को पार कर चुके हैं, यह सुविधा उन्हें और गति प्रदान करेगी।
भविष्य की संभावनाएं
उपयोगकर्ता सीमा वृद्धि की मांग कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर यूपीआई की लोकप्रियता बढ़ेगी। डिजिटल इंडिया अभियान को नई गति मिलेगी। सभी को इसका लाभ उठाना चाहिए। नवीनतम अपडेट जांचें और सेटअप करें।
















