इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज बढ़ रहा है और इसी साथ सोशल मीडिया पर एक नया दावा जोर पकड़ रहा है। कई व्हाट्सएप ग्रुप्स और फेसबुक पोस्ट्स में कहा जा रहा है कि नेशनल हाईवे पर इलेक्ट्रिक कारों को टोल टैक्स बिल्कुल नहीं देना पड़ता। लोग सलाह दे रहे हैं कि बस फास्टैग लगाकर निकल पड़ें, टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत ही नहीं। लेकिन यह दावा भ्रामक है। वास्तव में केंद्र सरकार ने पूरे देश के नेशनल हाईवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल से छूट नहीं दी है। सभी चार पहिया EVs को भी अन्य वाहनों की तरह पूरा टोल चुकाना पड़ता है।

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फास्टैग अनिवार्य, बिना छूट के नियम
फास्टैग अब हर चार पहिया वाहन के लिए जरूरी हो चुका है, चाहे वह इलेक्ट्रिक कार हो या पेट्रोल-डीजल वाली। दोपहिया वाहनों को ही इससे छूट है। अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट पूरी तरह बंद होने की संभावना है। ऐसे में फास्टैग में बैलेंस कम होने पर वाहन रुक जाएगा और दोगुना-तिगुना जुर्माना लगेगा। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यमुना एक्सप्रेसवे या दिल्ली-मेरठ हाईवे पर EV मालिकों को भी सामान्य टोल रेट ही देना पड़ता है। यह नियम नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा सख्ती से लागू हो रहा है।
महाराष्ट्र में राज्य स्तर की विशेष राहत
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल छूट का सबसे बड़ा उदाहरण महाराष्ट्र है। यहां 2025 की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जैसे चुनिंदा रास्तों पर निजी कारों और पैसेंजर EVs को पूर्ण टोल मुक्ति मिली हुई है। अन्य एक्सप्रेसवे पर 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट EVs को भी कुछ राहत दी गई है, लेकिन मालवाहक वाहनों पर कोई छूट नहीं। इस नीति ने महाराष्ट्र में EV बिक्री को गति दी है, खासकर टाटा और अन्य ब्रांड्स की कारों को। लेकिन यह छूट सिर्फ राज्य के दायरे में सीमित है।
अटल सेतु जैसी सीमित छूटें, राष्ट्रीय नीति नहीं
मुंबई के अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल से छूट की चर्चा अगस्त 2025 से चल रही है। यह स्थानीय स्तर का फैसला था, जो पूरे नेशनल हाईवे नेटवर्क पर लागू नहीं होता। दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, कर्नाटक या यूपी में ऐसी कोई नीति नहीं है। फरवरी 2026 के नए नियमों में आंशिक रूप से चालू एक्सप्रेसवे पर टोल रेट कम करने की बात हुई, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं जोड़ा गया। वीआईपी वाहनों की छूट भी अब सिमट रही है।
EV मालिक क्या करें? सावधानियां बरतें
नेशनल हाईवे पर इलेक्ट्रिक गाड़ी चलाने से पहले अपने राज्य की ट्रांसपोर्ट विभाग की वेबसाइट जरूर देखें। केंद्र सरकार EV को सब्सिडी और रोड टैक्स में राहत दे रही है, लेकिन टोल पर कोई राष्ट्रीय छूट घोषित नहीं हुई। फास्टैग बैलेंस हमेशा अपडेट रखें। टोल कैलकुलेटर ऐप से पहले ही राशि का अंदाजा लगा लें। गलतफहमी से जुर्माने से बचने के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
EV क्रांति के बीच जरूरी स्पष्टता
इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति को गति देने के लिए सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर टोल नीति स्पष्ट करनी चाहिए। फिलहाल सोशल मीडिया की अफवाहों पर भरोसा न करें। सही जानकारी से ही हाईवे सफर सुगम होगा। EV मालिक सतर्क रहें, फास्टैग तैयार रखें।
















