
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहें – कई बैंक खाते होने पर मुख्य अकाउंट खाली हो जाएगा! RBI ने ऐसा कोई नया नियम जारी नहीं किया है, लेकिन अनुपयोगी खाते चुपचाप आपकी जेब काट सकते हैं। पहली नौकरी का सैलरी अकाउंट, कैशबैक के चक्कर में खुला जीरो बैलेंस खाता या पुराना जॉइंट अकाउंट – ये भूले हुए खाते पेनल्टी, डॉर्मेंट स्टेटस और फ्रॉड का शिकार बना सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में करोड़ों ऐसे निष्क्रिय खाते हैं जो मासिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।
Table of Contents
पेनल्टी का अनजाना बोझ
कई बैंक बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस की शर्त रखते हैं – शहरी क्षेत्रों में 3,000-5,000 रुपये, ग्रामीण में 2,000 रुपये तक। बैलेंस कम होने पर 100-500 रुपये मासिक पेनल्टी कटती है। RBI के हालिया दिशानिर्देशों में पेनल्टी से पहले चेतावनी अनिवार्य है, लेकिन अगर खाता जीरो या नेगेटिव हो जाए, तो ब्याज भी रुक जाता है। उदाहरण के लिए, SBI या HDFC जैसे बैंकों में सालाना 1,200 रुपये तक का नुकसान हो सकता है। लाखों ग्राहक बिना जाने इस जाल में फंसते हैं, क्योंकि वे खाते चेक ही नहीं करते।
डॉर्मेंट खाते की जटिलताएं
RBI नियमों के मुताबिक, 2 साल से कोई लेन-देन न होने पर खाता ‘इनऑपरेटिव’ या डॉर्मेंट हो जाता है। ATM, चेकबुक, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सब बंद! ब्याज तो मिलता रहता है, लेकिन सक्रिय करने के लिए KYC, फॉर्म और ब्रांच विजिट जरूरी। 31 मार्च 2026 तक आधार-PAN लिंकिंग और नॉमिनी अपडेट अनिवार्य है, वरना खाता फ्रीज हो सकता है। वीडियो KYC से आसानी है, लेकिन देरी से बचत खाते पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर
सेविंग अकाउंट सीधे CIBIL स्कोर प्रभावित नहीं करता, लेकिन ओवरड्राफ्ट या लिंक्ड लोन/EMI छूटने पर समस्या गंभीर हो जाती है। पुराने खाते से बीमा प्रीमियम, डिमैट चार्ज या SIP ऑटो-डेबिट लिंक हो तो भुगतान रुकने से क्रेडिट हिस्ट्री खराब। विशेषज्ञ सलाह देते हैं – बंद करने से पहले सभी लिंक्स चेक करें। अगर ओवरड्राफ्ट बकाया है, तो पहले सेटल करें, वरना यह ‘अनपेड लोन’ की तरह रिकॉर्ड हो जाता है।
फ्रॉड और सुरक्षा का खतरा
अनचेक खाते फ्रॉडरों का आसान टारगेट! पुराना मोबाइल नंबर या ईमेल होने पर अलर्ट नहीं मिलते। UPI फ्रॉड या अनऑथराइज्ड ट्रांजेक्शन का पता देर से चलता है। RBI के साइबर सिक्योरिटी दिशानिर्देशों में दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी है, लेकिन निष्क्रिय खाते में यह काम नहीं करता। हाल के केसों में लाखों रुपये के फ्रॉड सामने आए हैं।
सही तरीके से खाता बंद करें
पैसे निकालना काफी नहीं – औपचारिक क्लोजर जरूरी। स्टेप्स:
- बैंक ब्रांच या ऐप पर क्लोजर फॉर्म भरें।
- डेबिट कार्ड कैंसल कराएं, पुराने स्टेटमेंट डाउनलोड करें।
- लिखित कन्फर्मेशन लें, ताकि भविष्य में विवाद न हो।
व्यवसायिक Current Account पर RBI प्रतिबंध है (₹5 करोड़ एक्सपोजर से ज्यादा पर एक बैंक सीमित), लेकिन पर्सनल सेविंग्स में कोई लिमिट नहीं। अनुपयोगी खाते बंद कर मुख्य अकाउंट पर फोकस करें।
विशेषज्ञ सलाह
फाइनेंशियल प्लानर राजेश कुमार कहते हैं, “अफवाहों से घबराएं नहीं, लेकिन सभी खाते चेक करें। RBI साइट या बैंक ऐप से वेरिफाई करें।” 2026 में डिजिटल KYC आसान बना दिया गया है। अगर कई खाते हैं, तो अनावश्यक बंद कर टैक्स बेनिफिट वाले में कंसॉलिडेट करें। समय रहते एक्शन लें, वरना छोटे-छोटे चार्ज बड़ी रकम निगल लेंगे।
















