
केंद्र सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने रसोई गैस (LPG) की कालाबाजारी रोकने और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है अब उपभोक्ताओं को नया सिलेंडर बुक करने और उसकी डिलीवरी लेने के लिए नई प्रक्रिया का पालन करना होगा।
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बुकिंग के लिए करना होगा लंबा इंतज़ार
नए नियमों के मुताबिक, अब दो सिलेंडर की बुकिंग के बीच एक निश्चित समय सीमा तय कर दी गई है, अब उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के बाद अगले 25 दिनों से पहले बुकिंग नहीं कर सकेंगे। यह कदम घरेलू गैस के अवैध व्यावसायिक उपयोग पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।
बिना OTP नहीं मिलेगी डिलीवरी
अब सिलेंडर आपके घर पहुँचने पर आपको DAC (Delivery Authentication Code) यानी ओटीपी (OTP) देना अनिवार्य होगा। डिलीवरी बॉय के घर पहुँचने पर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड आएगा, जिसे साझा करने के बाद ही डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी होगी। बिना कोड के सिलेंडर की डिलीवरी संभव नहीं होगी।
डेटा अपडेट करना अनिवार्य
यदि आपका मोबाइल नंबर या पता बदल गया है, तो उसे तुरंत अपनी गैस एजेंसी के साथ अपडेट करना होगा। जानकारी सही न होने की स्थिति में ओटीपी प्राप्त करने में समस्या हो सकती है, जिससे आपकी डिलीवरी रुक सकती है।
इन नियमों का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो समय से पहले सिलेंडर बुक कर लेते थे। प्रशासन का मानना है कि इससे गैस की चोरी कम होगी और जरूरतमंदों को समय पर गैस मिल सकेगी।
















