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अमेरिका-ईरान जंग और आपकी EMI! होम लोन से लेकर पेट्रोल तक, जानें आपकी जेब पर कहाँ-कहाँ पड़ेगी मार

मध्य पूर्व संकट से तेल दाम 82 डॉलर पार, पेट्रोल 10 रुपये महंगा, होम लोन EMI 5-10% चढ़ेगी। रुपये पर दबाव, महंगाई 40 bps बढ़ेगी। आम जेब संकट में!

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मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर लगातार हमले जारी हैं, जबकि ईरान ने कडी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी जारी की है। यह संघर्ष अब वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला रहा है। कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर चढ रही हैं। भारत जैसे आयातक देश के लिए यह बुरी खबर है, क्योंकि यहां की अर्थव्यवस्था तेल पर बुरी तरह निर्भर है। आम आदमी को पेट्रोल पंप से लेकर घर लोन की मासिक किश्त तक हर जगह महंगाई का सामना करना पड़ेगा।

अमेरिका-ईरान जंग और आपकी EMI! होम लोन से लेकर पेट्रोल तक, जानें आपकी जेब पर कहाँ-कहाँ पड़ेगी मार

तेल संकट से ईंधन महंगा

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का 80 प्रतिशत आयात पर निर्भर है। कच्चे तेल के दामों में तेजी का असर तुरंत पेट्रोल और डीजल पंप पर दिखेगा। दिल्ली में पेट्रोल अभी 105 रुपये लीटर है, लेकिन अगले हफ्ते 110-115 रुपये तक पहुंच सकता है। डीजल महंगा होने से ट्रक भाड़ा बढ़ेगा, जिसका बोझ सब्जी, दूध, अनाज जैसी रोजमर्रा चीजों पर पड़ेगा। रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 100 रुपये से ज्यादा उछल सकती है। घर-घर में मासिक खर्चा 10-15 प्रतिशत बढ़ जाएगा। खुदरा महंगाई में 40 आधार अंकों की छलांग लगने का अनुमान है, जो गरीब से मध्यम वर्ग तक सबको परेशान करेगी।

ब्याज दरें चढ़ेंगी नई ऊंचाई

बैंक लोन लेने वालों के लिए बुरे दिन आ गए हैं। तेल महंगा होने से महंगाई भड़केगी, रिजर्व बैंक ब्याज दरें घटाने के बजाय स्थिर रखेगा या बढ़ा सकता है। रेपो रेट अभी 6.5 प्रतिशत है, लेकिन 7 प्रतिशत तक जाने की आशंका है। 50 लाख का घर खरीदने वाला लोन, 20 साल की EMI जो 44,000 रुपये है, वह 46,000-47,000 रुपये मासिक हो जाएगी। रुपये की कीमत 91 के पार लुढ़क चुकी है, 93 तक गिरने का डर है। आयात बिल चढ़ेगा, विदेशी कर्ज महंगा पड़ेगा। मध्यम वर्ग के घर खरीदने के सपने अधर में लटक जाएंगे। कार लोन, पर्सनल लोन सबकी किस्तें भारी हो जाएंगी।

शेयर बाजार डगमगाया, निर्यात पर भी संकट

शेयर बाजार में हाहाकार मच गया है। निफ्टी 2 प्रतिशत लुढ़क चुका है, निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है। चालू खाता घाटा बढ़ेगा, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ेगा। ईरान से जुड़े व्यापार पर पाबंदी लग सकती है, चावल, कपड़ा, टेक्सटाइल निर्यात को झटका लगेगा। हवाई यात्रा महंगी हो जाएगी, विमानन ईंधन के दाम 20 प्रतिशत चढ़ सकते हैं। जीडीपी ग्रोथ पर 0.5 प्रतिशत का नकारात्मक असर पड़ सकता है।

सरकार के उपाय

सरकार ने तेल कंपनियों को सब्सिडी बढ़ाने और रणनीतिक भंडार छोड़ने के आदेश दिए हैं। लेकिन अगर युद्ध लंबा खिंचा तो ये कदम अपर्याप्त साबित होंगे। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह तेल का बड़ा झटका भारत की महंगाई रोकथाम की दीवार तोड़ सकता है। आम आदमी को सलाह है: ईंधन बचाएं, जरूरी खरीदारी टालें, बचत फिक्स्ड डिपॉजिट में लगाएं। लोन रिफाइनेंसिंग पर विचार करें।

यह जंग कब थमेगी, कोई भरोसा नहीं। तब तक भारतीय जेब को लगातार चोटें सहनी पड़ेंगी। सतर्क रहें, खर्च पर नियंत्रण रखें।

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info@nitap.in

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