
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की चकाचौंध के बीच कई टीमों ने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन कुछ ऐसी बदकिस्मत टीमें भी रहीं जिनका अस्तित्व अब पूरी तरह खत्म हो चुका है, आईपीएल के 17 सालों के सफर में कई फ्रेंचाइजी मैदान पर उतरीं, लेकिन आज वे केवल रिकॉर्ड बुक का हिस्सा बनकर रह गई हैं, इनमें से एक टीम तो खिताब भी जीत चुकी है, वहीं कुछ को बीसीसीआई (BCCI) ने नियमों के उल्लंघन के चलते बाहर का रास्ता दिखाया।
Table of Contents
डेक्कन चार्जर्स (Deccan Chargers): चैंपियन बनने के बाद डूबी किस्मत
आईपीएल इतिहास की सबसे चौंकाने वाली कहानियों में से एक डेक्कन चार्जर्स की है। 2008 की शुरुआती टीमों में शामिल इस फ्रेंचाइजी ने एडम गिलक्रिस्ट की कप्तानी में 2009 का खिताब अपने नाम किया था हालांकि, वित्तीय संकट और बैंक गारंटी की शर्तों को पूरा न कर पाने के कारण 2012 में बीसीसीआई ने इस टीम को टर्मिनेट कर दिया। इसके बाद हैदराबाद की नई टीम ‘सनराइजर्स हैदराबाद’ अस्तित्व में आई।
कोच्चि टस्कर्स केरल (Kochi Tuskers Kerala): एक सीजन का सफर
केरल की इस टीम ने 2011 में आईपीएल में कदम रखा था, लेकिन यह सफर केवल एक ही सीजन तक सीमित रहा बैंक गारंटी की राशि जमा करने में विफल रहने और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन के चलते बीसीसीआई ने इस टीम को बर्खास्त कर दिया। महज एक साल में ही इस टीम का आईपीएल करियर खत्म हो गया।
पुणे वॉरियर्स इंडिया (Pune Warriors India): विवादों का शिकार
सहारा ग्रुप के स्वामित्व वाली पुणे वॉरियर्स इंडिया ने 2011 में आईपीएल में एंट्री ली थी। युवराज सिंह और सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों के खेलने के बावजूद यह टीम मैदान पर खास प्रदर्शन नहीं कर सकी। बीसीसीआई के साथ फ्रेंचाइजी फीस को लेकर हुए लंबे विवाद के बाद, 2013 में इस टीम को आईपीएल से हटा दिया गया।
गुजरात लायंस (Gujarat Lions): अस्थायी चमक
जब चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स पर दो साल का प्रतिबंध लगा था, तब 2016 और 2017 में गुजरात लायंस को मौका मिला। सुरेश रैना की कप्तानी में इस टीम ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन यह एक अस्थायी व्यवस्था थी। 2018 में मुख्य टीमों की वापसी के साथ ही इस फ्रेंचाइजी का अनुबंध समाप्त हो गया और यह टीम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई।
राइजिंग पुणे सुपरजायंट (Rising Pune Supergiant): फाइनल तक का रोमांच
गुजरात लायंस की तरह ही राइजिंग पुणे सुपरजायंट (RPS) को भी दो साल (2016-2017) के लिए लीग में शामिल किया गया था, एमएस धोनी और स्टीव स्मिथ जैसे खिलाड़ियों से सजी यह टीम 2017 के फाइनल तक पहुँची थी, जहाँ उसे मुंबई इंडियंस से रोमांचक मुकाबले में 1 रन से हार झेलनी पड़ी 2018 में पुरानी टीमों की वापसी के बाद इस टीम को भी भंग कर दिया गया।
आईपीएल ने न केवल नए खिलाड़ियों को जन्म दिया है, बल्कि कई बड़ी फ्रेंचाइजी का पतन भी देखा है, आज दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स जैसी टीमें नाम बदलकर खेल रही हैं, लेकिन ऊपर दी गई 5 टीमें अब कभी वापसी नहीं कर पाएंगी।
















