
मध्य पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध में अचानक नरमी दिखाते हुए ‘सीजफायर’ के संकेत दिए हैं, ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया गया है हालांकि, दूसरी ओर ईरान ने भी सख्त तेवर अपनाते हुए जवाबी हमले की चेतावनी दी है।
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ट्रंप का ‘5-दिवसीय’ प्लान और शांति की उम्मीद
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि ईरान के साथ उनकी “बहुत अच्छी और उत्पादक बातचीत” हुई है। इस बातचीत के सकारात्मक नतीजे को देखते हुए अमेरिका ने अपने प्रस्तावित हमलों को 5 दिनों के लिए रोक दिया है।
- सीजफायर की शर्त: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह देरी मौजूदा बैठकों की सफलता पर निर्भर करेगी। यदि वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ती है, तो इसे पूर्ण युद्धविराम में बदला जा सकता है।
- बाजार पर असर: इस खबर के आते ही वैश्विक बाजार में हलचल मच गई और कच्चे तेल की कीमतों में 11% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
ईरान की जवाबी चेतावनी: ‘बिजली घर उड़ा देंगे’
एक तरफ जहाँ बातचीत की मेज सजी है, वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने युद्ध की स्थिति में भयावह परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
- पावर ग्रिड को निशाना: ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके बिजली घरों पर हमला हुआ, तो वह इजरायल और अमेरिका के उन तमाम क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाएगा जो अमेरिकी सैन्य अड्डों को बिजली सप्लाई करते हैं।
- होर्मुज की घेराबंदी: ईरान ने दुनिया की लाइफलाइन कहे जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद करने और वहां बारूदी सुरंगें बिछाने की धमकी दोहराई है।
- इजरायली शहरों पर दबाव: हाल ही में ईरान ने डिमोना और अराद जैसे इजरायली शहरों को निशाना बनाकर अपनी मंशा साफ कर दी है।
भारत के लिए चिंता और तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है लोकसभा में संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि यह युद्ध एक बड़ी चुनौती है और भारत को इसके दूरगामी आर्थिक और कूटनीतिक परिणामों के लिए तैयार रहना चाहिए।
















