
अगर आप भी अपनी गाड़ी से अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) आगामी 1 अप्रैल से टोल कलेक्शन के नियमों में बड़े बदलाव करने जा रहा है डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करने के लिए 5 नए नियम लागू किए जा रहे हैं।
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सालाना टोल पास की कीमतों में बढ़ोतरी
NHAI ने निजी वाहन मालिकों के लिए FASTag Annual Pass की दरों में संशोधन किया है। अब 3,000 रुपये में मिलने वाले इस पास की कीमत बढ़कर 3,075 रुपये हो जाएगी। हाईवे पर नियमित सफर करने वालों के लिए यह एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ होगा।
पास की वैधता की नई शर्तें
सालाना पास की वैधता को लेकर अब दोहरी शर्तें लागू होंगी। यह पास या तो एक साल के लिए वैध होगा या फिर अधिकतम 200 बार टोल क्रॉस करने तक। इनमें से जो भी लिमिट पहले पूरी होगी, पास की अवधि समाप्त मान ली जाएगी और यूजर को नया पास लेना होगा।
नकद (Cash) भुगतान पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध
सरकार की योजना के मुताबिक, कई प्रमुख टोल प्लाजा पर अब नकद लेनदेन को पूरी तरह बंद किया जा रहा है टोल बूथ पर केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही भुगतान स्वीकार किया जाएगा नकद भुगतान की सुविधा को धीरे-धीरे खत्म कर पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा रहा है।
बिना FASTag के नकद देने पर 2x जुर्माना
यदि आपके पास वैध FASTag नहीं है या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं है और आप कैश में भुगतान करने की कोशिश करते हैं, तो आपको सामान्य टोल दर का दोगुना (Double) भुगतान करना होगा यह नियम उन लोगों के लिए सख्त चेतावनी है जो अब तक डिजिटल भुगतान से बच रहे हैं।
UPI भुगतान पर राहत (1.25x शुल्क)
यदि तकनीकी कारणों से FASTag काम नहीं कर रहा है, तो वाहन चालकों को UPI के जरिए भुगतान करने का विकल्प दिया जाएगा इस स्थिति में नकद (दोगुने) के मुकाबले राहत मिलेगी और चालक को केवल 1.25 गुना टोल टैक्स ही देना होगा।
NHAI ने ‘One Vehicle One FASTag’ नियम को भी सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। सुनिश्चित करें कि आपके वाहन का KYC अपडेटेड है और एक गाड़ी पर केवल एक ही एक्टिव टैग लगा है। अधूरा KYC होने पर 1 अप्रैल के बाद आपका टैग निष्क्रिय किया जा सकता है।
















