
केंद्र सरकार और तेल विपणन कंपनियों (Indane, HP, Bharat Gas) ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के वितरण और बुकिंग को लेकर नए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, मार्च 2026 से प्रभावी इन नियमों का मुख्य उद्देश्य गैस की कालाबाजारी रोकना और समान वितरण सुनिश्चित करना है।
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बुकिंग के बीच अब अनिवार्य ‘लॉक-इन’ पीरियड
अब ग्राहक अपनी मर्जी से कभी भी सिलेंडर बुक नहीं कर सकेंगे सरकार ने दो बुकिंग के बीच एक निश्चित समयावधि तय कर दी है:
- शहरी क्षेत्र: एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगला सिलेंडर कम से कम 25 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा।
- ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्र: यहाँ उपभोक्ताओं को अगले सिलेंडर के लिए 45 दिन का अनिवार्य इंतजार करना होगा।
सालाना कोटा और अतिरिक्त सिलेंडर का नियम
नियमों के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष में एक परिवार को कुल 15 सिलेंडर (12 सब्सिडी वाले और 3 गैर-सब्सिडी वाले) तक ही मिलते हैं।
- अतिरिक्त जरूरत पर क्या करें? यदि किसी विशेष कारण (जैसे शादी या बड़ा आयोजन) से आपको कोटे से अधिक या समय से पहले सिलेंडर चाहिए, तो आपको अपनी गैस एजेंसी या डिस्ट्रीब्यूटर को उचित दस्तावेज और जानकारी देनी होगी, बिना ठोस जानकारी के बुकिंग सिस्टम द्वारा ब्लॉक कर दी जाएगी।
सावधान! इन गलतियों से ब्लॉक हो सकता है कनेक्शन
गैस कनेक्शन चालू रखने के लिए निम्नलिखित औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य है:
- अनिवार्य e-KYC: उन ग्राहकों के लिए बायोमेट्रिक e-KYC कराना अनिवार्य है जिनका वेरिफिकेशन अभी तक लंबित है, ऐसा न करने पर सब्सिडी रुक सकती है या कनेक्शन ब्लॉक हो सकता है।
- डुअल कनेक्शन पर प्रतिबंध: जिन घरों में PNG (पाइप गैस) कनेक्शन है, उन्हें अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा, दोनों कनेक्शन एक साथ रखना अब प्रतिबंधित है।
- OTP वेरिफिकेशन (DAC): सिलेंडर की डिलीवरी के समय रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया Delivery Authentication Code (DAC) देना अनिवार्य है, इसके बिना डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी।
उपभोक्ता किसी भी समस्या के लिए IndianOil Customer Care या अपनी संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं।
















