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UP Petrol Price: लखनऊ से मेरठ तक पेट्रोल-डीजल के रेट में हुआ बदलाव, घर से निकलने पहले चेक करें अपने शहर का नया दाम

यूपी में तेल के दामों में बड़ा उछाल आया है। लखनऊ से मेरठ तक हर शहर के रेट चेक करें। आज ही अपडेट हो जाएं ताकि बजट न बिगड़े। जल्दी देखें अपना शहर का नया दाम।

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उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव जारी है। लखनऊ से मेरठ तक की यात्रा करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। सुबह के समय जारी नवीनतम दरों के अनुसार, कई जगहों पर मामूली राहत मिली तो कहीं जेब पर बोझ बढ़ा। दैनिक आधार पर ये उतार-चढ़ाव वाहन मालिकों को प्रभावित कर रहे हैं, खासकर तब जब राज्य की सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ रहा हो।

UP Petrol Price: लखनऊ से मेरठ तक पेट्रोल-डीजल के रेट में हुआ बदलाव, घर से निकलने पहले चेक करें अपने शहर का नया दाम

शहरों में ताजा कीमतें

राज्य भर में ईंधन दरें शहर अनुसार थोड़ी भिन्न हैं। लखनऊ में डीजल की कीमत 87.76 रुपये प्रति लीटर के आसपास स्थिर बनी हुई है, जबकि पेट्रोल 95.34 रुपये पर पहुंच गया है। मेरठ में डीजल 87.62 रुपये के स्तर पर है, जो हाल ही में 1.34 रुपये की बढ़ोतरी के बाद आया। आगरा में डीजल 87.47 रुपये तो गाजियाबाद में 87.61 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। अलीगढ़ जैसे शहरों में यह 88.18 रुपये तक चली गई है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि यात्रा से पहले स्थानीय पंप पर नजर डालना जरूरी है।

फरवरी महीने में डीजल की औसत कीमत 88.26 रुपये रही, जो महीने की शुरुआत के 88.23 से थोड़ी ऊपर है। अधिकतम 88.32 और न्यूनतम 88.18 रुपये के बीच रही। पेट्रोल की बात करें तो औसत 95.11 रुपये प्रति लीटर है, जिसमें 0.14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। 1 फरवरी को यह 95.04 से शुरू होकर 95.25 तक पहुंचा। ऐसे छोटे बदलाव लंबी दूरी की यात्रा में 100-200 रुपये का फर्क डाल सकते हैं।

प्रमुख शहरों की तुलना

शहरडीजल (रुपये/लीटर)बदलावपेट्रोल (रुपये/लीटर)
लखनऊ87.76स्थिर95.34
मेरठ87.621.34 ऊपरउपलब्ध नहीं
आगरा87.470.08 ऊपर
गाजियाबाद87.61स्थिर
अलीगढ़88.18हल्की वृद्धि

यह तालिका लखनऊ-मेरठ हाईवे पर सफर करने वालों के लिए उपयोगी है। मेरठ की बढ़ोतरी से ट्रक और कार चालकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा।

बदलाव के कारण

ये दैनिक बदलाव तेल विपणन कंपनियां सुबह तय करती हैं। वैश्विक कच्चे तेल कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और स्थानीय कर मुख्य भूमिका निभाते हैं। फरवरी में कच्चा तेल 75-80 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रहा, जिससे बड़ी उथल-पुथल नहीं हुई। राज्य में वैट कर 18-20 प्रतिशत तक लगता है, जो दरों को प्रभावित करता है। किसानों और ट्रांसपोर्टरों पर असर ज्यादा पड़ता है, क्योंकि डीजल खेती और लॉजिस्टिक्स का आधार है। पिछले 10 दिनों में 0.04 प्रतिशत के औसत उतार-चढ़ाव ने स्थिरता का संकेत दिया।

यात्रियों पर प्रभाव

लखनऊ से मेरठ की 400 किलोमीटर यात्रा पर 50 लीटर डीजल से 4,400 रुपये का खर्च हो सकता है। 1-2 रुपये का फर्क हजारों का अंतर ला देता है। दैनिक कम्यूटर्स, किसान और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यूपी की 25 करोड़ जनसंख्या में करोड़ों वाहन हैं, जो ईंधन पर निर्भर हैं। बढ़ती कीमतें महंगाई को बढ़ावा देती हैं।

आगे की राहत की उम्मीद

विशेषज्ञों का अनुमान है कि मार्च में उत्पादन नियंत्रण से दरें स्थिर रहेंगी। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दे रही है। सीएनजी 80-85 रुपये के स्तर पर सस्ता विकल्प है। वाहन मालिकों को सलाह है कि फोन ऐप से लाइव चेक करें और टैंक भरकर रखें। जागरूकता ही बचत का रास्ता है।

Author
info@nitap.in

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