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UPI का सबसे धांसू अपडेट! अब एक ही बैंक खाते से पूरा परिवार करेगा पेमेंट; जानें क्या है ‘यूपीआई सर्कल’ और इसे एक्टिवेट करने का तरीका

UPI Circle क्रांतिकारी फीचर है जो एक ही बैंक अकाउंट से परिवार को डिजिटल पेमेंट करने की सुविधा देता है। NPCI द्वारा विकसित, यह प्राइमरी यूजर को 5 सेकेंडरी यूजर्स को अधिकृत करता है - बिना PIN शेयर किए। फुल/पार्शियल डेलिगेशन, ₹15,000 मासिक लिमिट, रियल-टाइम मॉनिटरिंग से परिवार, बुजुर्गों व छोटे बिजनेस के लिए वरदान। BHIM, PhonePe, GPay पर उपलब्ध।

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UPI का सबसे धांसू अपडेट! अब एक ही बैंक खाते से पूरा परिवार करेगा पेमेंट; जानें क्या है 'यूपीआई सर्कल' और इसे एक्टिवेट करने का तरीका

जब से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने भारत के डिजिटल पेमेंट को बदल दिया है, शॉपिंग से मोबाइल रिचार्ज तक हर काम आसान हो गया है। लेकिन अब एक कदम और आगे बढ़ते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ‘UPI Circle’ नामक क्रांतिकारी फीचर लॉन्च किया है। इसकी मदद से प्राइमरी यूजर अपने बैंक अकाउंट से परिवार, दोस्तों या भरोसेमंद लोगों को पेमेंट की अनुमति दे सकता है – बिना UPI PIN या पासवर्ड शेयर किए।

BHIM, PhonePe, Google Pay जैसे प्रमुख UPI ऐप्स पर उपलब्ध यह फीचर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है। माता-पिता बच्चों को पॉकेट मनी दे सकते हैं, बुजुर्गों को डिजिटल ट्रांजेक्शन में मदद मिल सकती है, और छोटे बिजनेस ओनर स्टाफ को छोटे खर्चों के लिए अधिकृत कर सकते हैं। NPCI के अनुसार, यह फीचर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां हर सदस्य का अलग बैंक अकाउंट नहीं होता।

UPI Circle कैसे काम करता है?

UPI Circle दो मुख्य मोड्स पर चलता है: फुल डेलिगेशन और पार्शियल डेलिगेशन। प्राइमरी यूजर अधिकतम 5 सेकेंडरी यूजर्स जोड़ सकता है। फुल डेलिगेशन में सेकेंडरी यूजर तय लिमिट (मासिक ₹15,000 और प्रति ट्रांजेक्शन ₹5,000 तक) के अंदर बिना अप्रूवल के पेमेंट कर सकता है। पार्शियल मोड में हर ट्रांजेक्शन पर प्राइमरी यूजर को नोटिफिकेशन और अप्रूवल देना पड़ता है।

सुरक्षा पहले: सेकेंडरी यूजर को बायोमेट्रिक या ऐप पासकोड से वेरिफाई होना पड़ता है। प्राइमरी यूजर रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर सकता है, एक्सेस टाइम (1 महीने से 5 साल तक) सेट कर सकता है, और कभी भी रिवोक कर सकता है। सभी ट्रांजेक्शन प्राइमरी अकाउंट से डेबिट होते हैं, लेकिन कंट्रोल हमेशा प्राइमरी के हाथ में रहता है।

किसके लिए उपयोगी?

  • परिवार: माता-पिता स्टूडेंट्स को कंट्रोल्ड खर्च दे सकते हैं, जैसे ट्यूशन फीस या कैंटीन बिल।
  • सीनियर सिटिजन: बेटे-बेटियां नजर रखते हुए दवा या किराने का भुगतान संभाल सकते हैं।
  • छोटे बिजनेस: मालिक कर्मचारियों को फ्यूल या लोकल खरीदारी के लिए लिमिटेड एक्सेस दे सकते हैं।
  • शेयरड घर: रूममेट्स रेगुलर बिल स्प्लिट कर सकते हैं बिना फुल अकाउंट शेयरिंग के।

2026 तक यह फीचर सभी प्रमुख ऐप्स पर फुली रोलआउट हो चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कैशलेस इकोनॉमी को और मजबूत करेगा, क्योंकि भारत में 80% से ज्यादा UPI ट्रांजेक्शन छोटे मूल्य के होते हैं।

एक्टिवेशन: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

  1. ऐप अपडेट करें: BHIM, Google Pay या PhonePe का लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल करें।
  2. UPI Circle ढूंढें: होम स्क्रीन या सेटिंग्स में ‘UPI Circle’ या ‘Delegated Payments’ सर्च करें।
  3. सेकेंडरी ऐड करें: ‘Add Member’ पर क्लिक, फोन नंबर या UPI ID डालें (कॉन्टैक्ट लिस्ट से ही चुनें सुरक्षा के लिए)।
  4. इनवाइट भेजें: SMS/ऐप नोटिफिकेशन जाएगा; सेकेंडरी को OTP से एक्सेप्ट करना होगा।
  5. लिमिट सेट करें: डेलिगेशन टाइप (फुल/पार्शियल), मंथली/डेली लिमिट और टाइम पीरियड चुनें।
  6. कन्फर्म: अपना UPI PIN डालकर एक्टिवेट करें।

सेटअप के बाद सेकेंडरी यूजर तुरंत पेमेंट शुरू कर सकता है। उदाहरण: मां अपने अकाउंट से बेटे को ₹2,000 मासिक लिमिट देती हैं – बेटा ग्रॉसरी या बस पास के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

फायदे और सावधानियां

UPI Circle स्मार्ट खर्च मैनेजमेंट लाता है – कोई कैश शेयरिंग नहीं, ट्रांसपेरेंट हिस्ट्री। लेकिन सावधानी बरतें: केवल भरोसेमंद लोगों को जोड़ें, लिमिट नियमित चेक करें। NPCI ने सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं ताकि फ्रॉड न हो।

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info@nitap.in

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