
देश में पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ दिया है, लोग अब तेल के खर्च को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों या सीएनजी की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना गाड़ी बदले भी आप हर महीने फ्यूल पर होने वाले हजारों रुपये के खर्च को कम कर सकते हैं? जी हां, ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आपकी ड्राइविंग की सिर्फ एक आदत तेल की खपत को 20 से 30 फीसदी तक घटा सकती है।
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क्या है वह ‘सीक्रेट’ बदलाव?
ईंधन बचाने का सबसे बड़ा राज ‘स्मूथ ड्राइविंग’ और ‘इकोनॉमी स्पीड’ में छिपा है, अक्सर देखा जाता है कि लोग ट्रैफिक में बार-बार तेजी से एक्सीलरेटर (Race) देते हैं और फिर अचानक ब्रेक लगाते हैं, यह आदत इंजन पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे फ्यूल की खपत तेजी से बढ़ जाती है।
जानकारों का कहना है कि अगर आप अपनी गाड़ी को 45 से 55 किमी/घंटा की स्थिर रफ्तार (Constant Speed) पर चलाते हैं, तो इंजन सबसे बेहतर माइलेज देता है, बार-बार गियर बदलने और अचानक स्पीड बढ़ाने-घटाने से बचने पर महीने भर में ईंधन के बिल में भारी कटौती देखी जा सकती है।
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इन छोटी बातों का भी रखें ध्यान
- टायर प्रेशर का खेल: कम हवा वाले टायर सड़क पर ज्यादा घर्षण (Friction) पैदा करते हैं, जिससे इंजन को जोर लगाना पड़ता है सही एयर प्रेशर बनाए रखने से माइलेज में सुधार होता है।
- रेड लाइट पर ‘स्मार्ट’ बनें: अगर ट्रैफिक सिग्नल 20 सेकंड से ज्यादा का है, तो इंजन बंद करना ही समझदारी है आइडलिंग (खड़ी गाड़ी का इंजन चालू रहना) पेट्रोल की बर्बादी का सबसे बड़ा कारण है।
- गाड़ी का वजन कम करें: गाड़ी की डिक्की में रखा फालतू सामान निकाल दें। वजन जितना कम होगा, आपकी जेब पर बोझ उतना ही हल्का होगा।
अगर आप आज से ही अपनी ड्राइविंग स्टाइल में यह छोटा सा सुधार करते हैं, तो पेट्रोल पंप के चक्कर कम लगेंगे और बैंक बैलेंस सुरक्षित रहेगा।
















